कानपुर-छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की परीक्षा में इस बार बदलाव किया गया है, इसका छात्रों को लाभ मिलेगा। बदली हुई मूल्यांकन प्रणाली में शिक्षक छात्रों को सिर्फ पूर्णांक में ही अंक दे सकेंगे। जबकि अभी तक आधा अंक भी दिया जाता था, इससे छात्रों को आधे अंक का लाभ मिलेगा। शिक्षक को कुल अंक में पूर्णांक भरना है मतलब साढ़े 12 अंक होंगे तो उसे 13 अंक देना पड़ेगा। कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय ने कहा कि नए नियमानुसार अब आधे अंक को खत्म कर दिया गया है ।मूल्यांकन सीट पर नहीं है आधे अंक का कॉलम - इस वर्ष पहली बार शिक्षक को मूल्यांकन के बाद कुल अंक का गोले भरने होंगे। इसमें 0 से लेकर 9 तक अंक लिखे होंगे। मतलब आधा अंक भरने का कोई कॉलम नहीं है। ऐसे में शिक्षकों को पूर्णाक अंक ही देने होंगे। सीएसजे एमयू की वार्षिक परीक्षा को नकलविहीन के साथ बेहतर करने के लिए विवि प्रशासन ने कई बदलाव किए हैं। वार्षिक परीक्षाओं का मूल्यांकन शुरू हो चुका ह। 58 प्रश्नपत्रा का बहुविकल्पिक प्रश्न की परीक्षा ओएमआर शीट पर होती है। इसका मूल्यांकन शिक्षक नहीं करते हैं। शेष विषयों के प्रश्नों को उत्तरपुस्तिकाओं पर ही हल करना होता है। इसका मल्यांकन शिक्षक करते हैं।आधा नंबर कटना भी संभव - मूल्यांकन के दौरान यह शिक्षक पर निर्भर करता है कि वह पूर्णांक के चक्कर में कहीं आधे-आधे नंबर कम दें या बढ़ा कर दें। कई बार उत्तर जांचते समय प्रश्न पर पूरे अंक देने का मन नहीं करता, ऐसे में आधा अंक दे दिया जाता था, मगर अब सोचना पड़ेगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि शिक्षकों को कॉपी जांचने के बाद प्रथम पृष्ठ पर सभी प्रश्नों के अंक लिखने होंगे। इसके बाद सभी भाग का कुल अंक गोले में भरने होंगेमतलब प्रश्नों में आधे अंक दे सकते हैं लेकिन प्रश्नों का कुल अंक पूर्णांक में ही होना चाहिएमतलब साढे दस अंक होने पर शिक्षक को 11 अंक भरने होंगे। साभार में कहीं आधे-आधे नंबर कम दें या बढ़ा कर दें। कई
सीएसजेएमयू में मूल्यांकन का नियम बदला, छात्रों को होगा लाभ
• P.N.Dwivedi